पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट (15/26 फॉर्मूला) और आयकर धारा 10(13A) के तहत मकान किराया भत्ता (HRA) कर छूट की गणना। 2026 के नवीनतम आधिकारिक मानकों (RBI • FinMin • Income Tax Dept) और Calconova के IEEE-754 (Decimal.js) इंजन के साथ 100% सटीक गणना और विस्तृत विवरण तुरंत प्राप्त करें।
ग्रेच्युटी और HRA कैलकुलेटर (Gratuity & HRA Exemption): पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट (15/26 फॉर्मूला) और आयकर धारा 10(13A) के तहत मकान किराया भत्ता (HRA) कर छूट की गणना। 2026 के नवीनतम आधिकारिक मानको...Temel formül: ग्रेच्युटी = (15 × अंतिम वेतन × सेवा वर्ष) / 26 | HRA छूट = Min(वास्तविक HRA, किराया - 10% वेतन, 50%/40% वेतन).
ग्रेच्युटी = (15 × अंतिम वेतन × सेवा वर्ष) / 26 | HRA छूट = Min(वास्तविक HRA, किराया - 10% वेतन, 50%/40% वेतन)ग्रेच्युटी अधिनियम 1972 के तहत 5 वर्ष या अधिक कार्य करने वाले कर्मचारियों को माह के 26 कार्यदिवसों के आधार पर 15 दिनों का वेतन प्रति वर्ष दिया जाता है। HRA में 3 नियमों में से सबसे कम राशि कर-मुक्त होती है।
All calculations, amortizations, and scenario projections displayed on this page are strictly for informational and educational purposes. Nothing herein constitutes investment, financial, tax, underwriting, or legal advice. Actual interest rates, closing costs, lender fees, and statutory criteria may vary. Calconova explicitly disclaims all liability for any financial decisions or actions taken based upon these calculations. Users are strongly advised to consult a certified financial planner, CPA, or licensed lending officer prior to executing financial commitments.
कानून के अनुसार किसी एक कंपनी में लगातार कम से कम 5 वर्ष की सेवा पूरी करना अनिवार्य है।
यदि वार्षिक किराया ₹1 लाख से अधिक है तो मकान मालिक का पैन कार्ड (PAN) और किराया रसीदें जमा करना आवश्यक है।
पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत ग्रेच्युटी के लिए कम से कम 5 साल की निरंतर सेवा आवश्यक है (मृत्यु या विकलांगता में यह शर्त लागू नहीं होती)। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के अनुसार 4 साल पूरे करने और 5वें वर्ष में 240 दिन (5-दिवसीय कार्यसप्ताह में 190 दिन) काम करने पर भी कर्मचारी पात्र माना जाता है।
आयकर अधिनियम की धारा 10(10) के तहत सरकारी कर्मचारियों की पूरी ग्रेच्युटी 100% कर-मुक्त है। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए वैधानिक सूत्र से निकली राशि या अधिकतम ₹20 लाख तक की ग्रेच्युटी पूरी तरह आयकर से मुक्त है।
आयकर अधिनियम की धारा 10(13A) के तहत केवल 4 शहरों—मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई—को 'मेट्रो' (बेसिक + DA का 50%) माना जाता है। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, गुरुग्राम और नोएडा सहित अन्य सभी शहरों की गणना 'नॉन-मेट्रो' (40%) श्रेणी में होती है।
यदि एक वित्तीय वर्ष में आपके द्वारा चुकाया गया कुल किराया ₹1,00,000 (सालाना ₹1 लाख या लगभग ₹8,333 प्रति माह) से अधिक है, तो HRA छूट पाने के लिए नियोक्ता को किराये की रसीदों के साथ मकान मालिक का पैन (PAN) नंबर देना अनिवार्य है।
एसआईपी (SIP), एकमुश्त (Lump Sum) और स्टेप-अप निवेश पर चक्रवृद्धि रिटर्न और कुल संपत्ति का अनुमान लगाएं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट के नए स्लैब, ₹75,000 मानक कटौती और पुराने रिजीम (80C, 80D, HRA) की तुलना करें।
भारतीय बैंकों (SBI, HDFC, ICICI) के अनुसार मासिक ईएमआई, प्रीपेमेंट से ब्याज बचत और लोन अवधि कम करने का सिमुलेशन।
Explore statutory calculation tools compliant with local tax, payroll, and mortgage rules.