भारतीय बैंकों (SBI, HDFC, ICICI) के अनुसार मासिक ईएमआई, प्रीपेमेंट से ब्याज बचत और लोन अवधि कम करने का सिमुलेशन। 2026 के नवीनतम आधिकारिक मानकों (RBI • FinMin • Income Tax Dept) और Calconova के IEEE-754 (Decimal.js) इंजन के साथ 100% सटीक गणना और विस्तृत विवरण तुरंत प्राप्त करें।
होम लोन EMI व पार्ट-पेमेंट कैलकुलेटर (Home Loan Prepayment): भारतीय बैंकों (SBI, HDFC, ICICI) के अनुसार मासिक ईएमआई, प्रीपेमेंट से ब्याज बचत और लोन अवधि कम करने का सिमुलेशन। 2026 के नवीनतम आधिकारिक मान...Temel formül: EMI = P × r × (1 + r)^n / [ (1 + r)^n - 1 ].
| वर्ष | प्रारंभिक शेष | ब्याज | मूलधन | अंतिम शेष |
|---|---|---|---|---|
| 1 वर्ष | ₹50,00,000 | -₹4,21,183 | +₹99,509 | ₹49,00,491 |
| 2 वर्ष | ₹49,00,491 | -₹4,12,387 | +₹1,08,305 | ₹47,92,185 |
| 3 वर्ष | ₹47,92,185 | -₹4,02,814 | +₹1,17,878 | ₹46,74,307 |
| 4 वर्ष | ₹46,74,307 | -₹3,92,394 | +₹1,28,298 | ₹45,46,009 |
| 5 वर्ष | ₹45,46,009 | -₹3,81,054 | +₹1,39,638 | ₹44,06,371 |
| 6 वर्ष | ₹44,06,371 | -₹3,68,711 | +₹1,51,981 | ₹42,54,390 |
| 7 वर्ष | ₹42,54,390 | -₹3,55,277 | +₹1,65,415 | ₹40,88,976 |
| 8 वर्ष | ₹40,88,976 | -₹3,40,656 | +₹1,80,036 | ₹39,08,940 |
| 9 वर्ष | ₹39,08,940 | -₹3,24,743 | +₹1,95,949 | ₹37,12,991 |
| 10 वर्ष | ₹37,12,991 | -₹3,07,423 | +₹2,13,269 | ₹34,99,722 |
| 11 वर्ष | ₹34,99,722 | -₹2,88,572 | +₹2,32,120 | ₹32,67,601 |
| 12 वर्ष | ₹32,67,601 | -₹2,68,054 | +₹2,52,638 | ₹30,14,963 |
| 13 वर्ष | ₹30,14,963 | -₹2,45,723 | +₹2,74,969 | ₹27,39,995 |
| 14 वर्ष | ₹27,39,995 | -₹2,21,419 | +₹2,99,273 | ₹24,40,721 |
| 15 वर्ष | ₹24,40,721 | -₹1,94,966 | +₹3,25,726 | ₹21,14,995 |
| 16 वर्ष | ₹21,14,995 | -₹1,66,174 | +₹3,54,518 | ₹17,60,477 |
| 17 वर्ष | ₹17,60,477 | -₹1,34,838 | +₹3,85,854 | ₹13,74,624 |
| 18 वर्ष | ₹13,74,624 | -₹1,00,732 | +₹4,19,960 | ₹9,54,664 |
| 19 वर्ष | ₹9,54,664 | -₹63,612 | +₹4,57,080 | ₹4,97,583 |
| 20 वर्ष | ₹4,97,583 | -₹23,210 | +₹4,97,482 | ₹101 |
EMI = P × r × (1 + r)^n / [ (1 + r)^n - 1 ]मासिक ईएमआई की गणना घटते शेष (reducing balance) पद्धति पर की जाती है। प्रीपेमेंट की गई अतिरिक्त राशि सीधे मूलधन को घटाती है, जिससे भविष्य का ब्याज तेजी से घटता है।
All calculations, amortizations, and scenario projections displayed on this page are strictly for informational and educational purposes. Nothing herein constitutes investment, financial, tax, underwriting, or legal advice. Actual interest rates, closing costs, lender fees, and statutory criteria may vary. Calconova explicitly disclaims all liability for any financial decisions or actions taken based upon these calculations. Users are strongly advised to consult a certified financial planner, CPA, or licensed lending officer prior to executing financial commitments.
लोन अवधि कम करने (Reduce Tenure) से कुल ब्याज में सर्वाधिक बचत होती है, जबकि ईएमआई घटाने से हर महीने हाथ में अधिक नकदी बचती है।
आरबीआई (RBI) के नियमों के अनुसार व्यक्तिगत फ्लोटिंग रेट होम लोन के प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर पर कोई पेनल्टी या शुल्क नहीं लगाया जा सकता।
पुरानी कर प्रणाली (Old Tax Regime) के तहत, स्वयं के रहने वाले घर के ऋण ब्याज पर धारा 24(b) के अंतर्गत सालाना ₹2 लाख तक और मूलधन पुनर्भुगतान (तथा स्टाम्प ड्यूटी) पर धारा 80C के अंतर्गत सालाना ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है।
नहीं! भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, व्यक्तिगत उधारकर्ताओं द्वारा लिए गए फ्लोटिंग-रेट (Floating-Rate) होम लोन पर आंशिक प्रीपेमेंट या लोन को समय से पहले बंद करने (Foreclosure) पर बैंक कोई भी जुर्माना या शुल्क नहीं ले सकते।
8.5% ब्याज दर वाले 20-वर्षीय (240 महीने) होम लोन में यदि आप हर साल केवल 1 अतिरिक्त EMI के बराबर मूलधन का प्रीपेमेंट करते हैं, तो आपके लोन की अवधि लगभग 3.5 से 4 साल कम हो जाती है और कुल ब्याज में 20% से अधिक की बचत होती है।
डिफ़ॉल्ट रूप से अधिकांश भारतीय बैंक रेपो रेट बदलने पर आपकी मासिक EMI को स्थिर रखते हैं और लोन की अवधि (Tenure) को घटाते या बढ़ाते हैं। हालांकि, RBI नियमों के तहत आप अवधि बढ़ाने के बजाय अपनी EMI समायोजित करने का विकल्प चुन सकते हैं।
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